“संगच्छध्वं संवदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।”
— ऋग्वेद (10.191.2)
अर्थ:
मिलकर चलो, मिलकर बोलो, और तुम्हारे मन भी एकजैसे हों।
यह एकता, सहयोग और समाज निर्माण का महान संदेश है।
“आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः।”
— ऋग्वेद (1.89.1)
अर्थ:
सभी दिशाओं से कल्याणकारी विचार हमारे पास आएँ।
यह खुली सोच और ज्ञान ग्रहण करने की भावना को दर्शाता है।
“असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय।”
— ऋग्वेद
अर्थ:
असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो।
“आत्मा वै विश्वस्य पतिः।”
ऋग्वेद
ऋग्वेद वैदिक साहित्य का आदि स्रोत है। यहाँ देवताओं की स्तुति नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के नियमों का चिंतन है। मनुष्य को बताया गया है कि सत्य, ज्ञान और विवेक ही जीवन की वास्तविक पूँजी हैं। जो सत्य के मार्ग पर चलता है, वही संसार और आत्मा दोनों में प्रकाश को अनुभव करता है।
“सत्य और ज्ञान से जीवन को ऊर्ध्व दिशा में ले जाना।”
यजुर्वेद
यजुर्वेद मनुष्य को केवल सोचने नहीं, बल्कि करने का मार्ग दिखाता है। यहाँ यज्ञ का अर्थ केवल अग्नि में आहुति नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की आहुति है। प्रत्येक कर्म से प्रकृति, समाज और आत्मा सभी के बीच संतुलन स्थापित होता है। धर्म वही है जो कर्म से प्रकट हो और कल्याण के मार्ग को खोले। “कर्तव्य और कर्म से जगत में संतुलन कायम रखना।”
सामवेद
सामवेद स्वर का वेद है। जहाँ ऋग्वेद कहता है, वहाँ सामवेद गाता है। यहाँ ज्ञान गीत बनकर हृदय में उतरता है। भक्ति, रस और लय के माध्यम से आत्मा की चेतना ऊर्ध्वगामी होती है। भारतीय संगीत, राग, भक्ति और ध्यान का बीज इसी में है। जो स्वर से जुड़े, वह ईश्वर से जुड़ता है।
“स्वर और भक्ति द्वारा चेतना का जागरण।”
अथर्ववेद
अथर्ववेद जीवन के व्यावहारिक और दैनिक पक्ष को समझाता है — स्वास्थ्य, रक्षा, शांति, समृद्धि और घर-परिवार का सुख। यह लोक-जीवन का वेद है।
“जीवन में कल्याण, स्वास्थ्य और शांति लाना।”
ऐतरेय उपनिषद (ऋग्वेद)
ऐतरेय उपनिषद सृष्टि की उत्पत्ति, मनुष्य की उत्पत्ति और आत्मा की प्रकृति का दर्शन प्रस्तुत करता है। यह बताता है कि आत्मा ही देखने, सुनने, सोचने और जानने वाली वास्तविक सत्ता है। सृष्टि में प्रत्येक नाम-रूप उसी आत्मा की अभिव्यक्ति है। जिसने इसे जाना, उसने ही ब्रह्म को पाया।
“आत्मा ही सृष्टि का मूल और अनुभव का केंद्र है।”
ईश उपनिषद (यजुर्वेद)
ईश उपनिषद हमें सिखाता है कि संपूर्ण सृष्टि में जो कुछ भी देखा और अनुभव किया जाता है, उसका वास्तविक स्वामी ईश्वर (ईश) ही है। संसार का उपभोग करते हुए भी मनुष्य को आसक्ति से मुक्त रहकर कर्म करना चाहिए। ज्ञान और कर्म दोनों का संतुलन ही मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करता है।
“सृष्टि में ईश्वर का वास, जीवन में कर्म और वैराग्य का संतुलन।”
Our Products & Services (हमारे उत्पाद एवं सेवाएँ)
ANANT BHAIRAVI SPIRITUAL CENTER में साधक के लिए आत्मविद्या एवं अध्यात्म मार्ग का द्वार उद्घाटित किया जाता है। यहाँ ज्योतिष, वास्तु, मंत्र-चिकित्सा, ऊर्जा-शुद्धि, चक्र-संतुलन, कर्म-निवारण तथा दैवी मार्गदर्शन द्वारा जीवन में शांति, सौभाग्य एवं समन्वय की स्थापना की जाती है।
रुद्राक्ष, जपमाला, यंत्र, क्रिस्टल, धूप–दिया, हवन-सामग्री तथा ऊर्जा-संवर्धित वस्तुएँ साधक के साधन को दृढ़ बनाती हैं।
केन्द्र का उद्देश्य यही है कि साधक अपने अन्तःकरण को जागृत कर, आत्म-चेतना का अनुभव करते हुए, देह–मन–प्राण के परे स्थित ब्रह्म–चैतन्य की ओर प्रवृत्त हो। जहाँ से शांति, समृद्धि, संरक्षण और दिव्यता स्वयमेव प्रवाहित होती है।

Meditation Healing — अनुभव करें आंतरिक शांति
Meditation मन और भावनाओं को संतुलित कर तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को धीरे-धीरे शिथिल करता है। यह आंतरिक healing को सक्रिय कर आत्मविश्वास, स्पष्टता और संबंधों में सौहार्द बढ़ाता है। महिलाओं, युवाओं और परिवारों के लिए यह साधना जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता लाती है। ✨ Healing Session बुक करें और अपनी आंतरिक ऊर्जा के साथ जुड़ने की यात्रा प्रारंभ करें।

चक्र संतुलन — आंतरिक सामंजस्य की पुनर्स्थापना
चक्र संतुलन शरीर, मन और भावनाओं में प्रवाहित होने वाली ऊर्जा को सुव्यवस्थित करता है, जिससे तनाव, चिंता और असंतुलन स्वयमेव कम होने लगते हैं। जब चक्र सक्रिय व संतुलित होते हैं तो साधक में शांति, स्पष्टता, आत्मविश्वास और जीवनी-शक्ति बढ़ती है। ✨ Chakra Healing Session बुक करें और अपनी आंतरिक ऊर्जा को जागृत करें।

आंतरिक अंतर्ज्ञान आधारित कोचिंग एवं मेंटरिंग
आंतरिक अंतर्ज्ञान आधारित कोचिंग एवं मेंटरिंग साधक को अपनी भावनाओं, निर्णयों और जीवन-मार्ग के प्रति स्पष्टता प्रदान करती है। यह प्रक्रिया व्यक्ति को अपने भीतर स्थित प्राकृतिक बुद्धि और मार्गदर्शन से जोड़कर चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने की शक्ति देती है। इससे जीवन में संतुलन, शांति और उद्देश्य की अनुभूति प्रकट होती है। ✨ Session बुक करें और अपनी आंतरिक बुद्धि से जुड़ें।

वैदिक एवं ज्योतिषीय सेवाएँ
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